Saat Rang Pyar Ke - Softcover

Pramod Rajput

 
9781638066712: Saat Rang Pyar Ke

Synopsis

राज का दिल अंदर से टूटा जा रहा था। ऐसा दर्द उसने कभी महसूस नहीं किया था। रह-रह कर उसे उर्वशी का ट्रेन की खिड़की पकड़ कर भागना याद आ रहा था। वो ऐसे भाग रही थी जैसे उसकी सारी ज़िंदगी उसके हाथों से निकलती जा रही थी। और राज को यूँ लग रहा था मानो उसकी ज़िंदगी पीछे छूटती जा रही थी।

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